भाकपा (माले) रेड स्टारका 5 दिवसीय 13वाँ पार्टी महाधिवेशन,कर्नाटक के ऐतिहासिक शहर रायचूर में 16 से 20 सितंबर 2026 तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। महाधिवेशन ने 33 सदस्यीय केंद्रीय समिति, 13 सदस्यीय पोलित ब्यूरो तथा 3 सदस्यीय केंद्रीय नियंत्रण आयोग का चुनाव किया।कॉमरेड पी जे जेम्स को महासचिव पद पर पुनः चुना गया।महाधिवेशन में 14 राज्यों और ओवरसीज (विदेश) कमेटी के लगभग 250 प्रतिनिधियों के साथ-साथ पर्यवेक्षकों तथा विभिन्न पार्टियों के बिरादराना प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पार्टी का 13 वां महाधिवेशन ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर आयोजित हुआ, जब अमेरिकी नेतृत्व वाले साम्राज्यवाद द्वारा खुलकर आक्रमण और दक्षिणपंथी कॉरपोरेटवाद के माध्यम से दुनिया की जनता के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हमला किया जा रहा है। फिलिस्तीनियों के जनसंहार को जारी रखते हुए इस भयावह अपराध का नवीनतम रूप ईरान पर जारी अमेरिकी-ज़ायनवादी इसराइली आक्रमण है। इस बीच, जहां पूरी दुनिया में फासीवाद का उभार तेज हो रहा है, वहीं इसके खिलाफ जनता का प्रतिरोध भी उठ खड़ा हो रहा है।
आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश भारत, दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने फासीवादी संगठन आरएसएस के शिकंजे में है। देश के संसाधनों और जनता की आजीविका को अडानी-अंबानी जैसे चहेते कॉरपोरेट अरबपतियों के हाथों बेचा जा रहा है, जबकि पुलिस और यहां तक कि सेना, न्यायपालिका, शिक्षा, संस्कृति आदि सहित पूरा प्रशासन फासीवाद की मजबूत पकड़ में है। मुसलमानों को सबसे बड़े दुश्मन के रूप में निशाना बनाया जा रहा है तथा उन्हें व्यवस्थित रूप से मताधिकार और नागरिकता से वंचित किया जा रहा है। वहीं, क्रूर मनुस्मृति को अपनी वैचारिक जड़ों के रूप में अपनाते हुए दलितोंर उत्पीड़ितों और महिलाओं पर उत्पीड़न लगातार बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि आरएसएस ब्राह्मणवादी हिंदू राष्ट्र की दिशा में उन्मत्त गति से आगे बढ़ रहा है।
इस संदर्भ में, महाधिवेशन द्वारा स्वीकृत पार्टी कार्यक्रम एवं अन्य बुनियादी दस्तावेजों में निर्धारित दिशा तथा महाधिवेशन के दौरान साम्राज्यवाद, फासीवाद और जाति उन्मूलन के मुद्दों पर आयोजित सेमिनारों में हुई चर्चाओं के आधार पर पार्टी ने आरएसएस फासीवाद तथा देश पर साम्राज्यवादी-कॉरपोरेट पूंजी के प्रभुत्व के खिलाफ विभिन्न रूपों में संघर्ष को व्यापक और सघन रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
भारत की विशिष्ट परिस्थितियों में, जहां फासीवाद का वैचारिक और भौतिक आधार सबसे अमानवीय जाति व्यवस्था है, भाकपा (माले) रेड स्टार के 13वे पार्टी महाधिवेशन ने मेहनतकश वर्ग और सभी उत्पीड़ित जनता से आह्वान किया है कि वे सभी प्रगतिशील-लोकतांत्रिक ताकतों के साथ एकजुट होकर जबरदस्त तरीके से फासीवाद-विरोधी आंदोलन को आगे बढ़ाएं। इसके लिए जनता की आजीविका के संघर्ष को जाति व्यवस्था के विनाश के लिए चलाए जाने वाले समझौताविहीन संघर्ष के साथ जोड़ा जाना आवश्यक है। इस दिशा में भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन की पिछली गलतियों से सबक लेते हुए आत्मालोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा, विशेषकर जाति के सवाल को सही परिप्रेक्ष्य में समझने में उसकी विफलता से सीख लेना होगा।
पार्टी महाधिवेशन ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मुद्दों से संबंधित कुल 6 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए। इनमें फिलिस्तीन में अमेरिकी-ज़ायनवादी इसराइली जनसंहार और ईरान पर आक्रमण के खिलाफ प्रस्तावस ट्रंप शासन के निर्देश पर मोदी सरकार द्वारा भुगतानों पर कर लगाने के खिलाफ प्रस्ताव तथा जारी मुस्लिम-विरोधी,अल्पसंख्यक विरोधी कार्रवाइयों के खिलाफ प्रस्तावस बिना मुकदमे और बिना जमानत के 6 साल से जेल में बंद उमर खालिद सहित तमाम राजनैतिक बंदियों की रिहाई के पक्ष में प्रस्ताव मनुवादी-कॉरपोरेट शिक्षा नीतियों के खिलाफ प्रस्तावस समुचित रूप से और पूरी राजनैतिक इच्छाशक्ति के साथ जाति जनगणना कराने में मोदी शासन की अनिच्छा की निंदास परिसीमन के खिलाफ तथा एक अखिल भारतीय, एकात्मक हिंदू राष्ट्र की दिशा में जारी संघीय-विरोधी कदमों के खिलाफ प्रस्तावस राज्यपाल के पद को समाप्त करने की मांग और पूरे देश में जल जंगल जमीन की बेलगाम कॉरपोरेट लूट के खिलाफ सहित अन्य प्रस्ताव शामिल हैं।
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